मेरे दर से हो कर तेरी बरात निकली
दिल पे आघात हुआ, आह निकली
गूँज रही थी शेह्नाइयां ढोल धाम धाम बज रहे थे
अरमान जो संजोये थे, वो चीख चीख रो रहे थे
झूठा तेरा प्यार था, झूठी हर बात निकली,
मेरे दर से हो कर तेरी .......
तन्हाइयां, वो चांदनी रातें, पहली मुलाक़ात की मीठी बातें
अरे सब ढोंग था तू दगाबाज़ निकली
मेरे दर से....
आज आ कर देखले वो हालत मेरी
वो जो मुझ पर मरा करते थे.
मेरी नाज़ुक सी चोट पर वो जो
सिसकियाँ भरा करते थे.
दिल के टुकड़े हो गए,
न आवाज़ निकली
मेरे दर से हो कर....
दिल पे आघात हुआ......
दिल पे आघात हुआ, आह निकली
गूँज रही थी शेह्नाइयां ढोल धाम धाम बज रहे थे
अरमान जो संजोये थे, वो चीख चीख रो रहे थे
झूठा तेरा प्यार था, झूठी हर बात निकली,
मेरे दर से हो कर तेरी .......
तन्हाइयां, वो चांदनी रातें, पहली मुलाक़ात की मीठी बातें
अरे सब ढोंग था तू दगाबाज़ निकली
मेरे दर से....
आज आ कर देखले वो हालत मेरी
वो जो मुझ पर मरा करते थे.
मेरी नाज़ुक सी चोट पर वो जो
सिसकियाँ भरा करते थे.
दिल के टुकड़े हो गए,
न आवाज़ निकली
मेरे दर से हो कर....
दिल पे आघात हुआ......
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